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आउटरकोर्स : पांच मुख्य तथ्य

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आउटरकोर्स : पांच मुख्य तथ्य

आउटरकोर्स? इस निर्मित शब्द का अर्थ इंटरकोर्स से विपरीत है।आउटर कोर्स का अर्थ है बिना लिंग के योनि में प्रवेश के सेक्स।
 
कुछ लोग इसे गर्भ नियोजन का अच्छा तरीका मानते हैं, दूसरों के लिए ये सेक्स का एक आनंददायक तरीका है। वजह जो भी हो, सच ये है की आजकल आउटर कोर्स बहुत से बीएड रूम्स में किय़ा जाता है! तो इस्सलिये इस बार के हमारे पांच मुख्या तथ्य इसी पर आधारित हैं।
 
आखिर ये है क्या?
 
आउटरकोर्स, जिसे बिना लिंग प्रवेश के सेक्स भी कहा जाता है, इसका अर्थ सरल है, ऐसा सेक्स जिसमे लिंग योनि के भीतर प्रवेश नहीं करता। तो कोई लिंग, योनि या गुदा इसका हिस्सा नहीं है। कुछ लोगों के लिए मुख मैथुन भी इसका हिस्सा नहीं है।आउटरकोर्स के दौरान, हमारी परिभाषा के अनुसार कपल्स चुम्बन के साथ विभिन प्रयोग करते हैं, परस्पर हस्त मैथुन, एक दूसरे के शरीर को शरीर से रगड़ना, साथ में कामुक फिल्में देखना या सेक्स टॉयज का उपयोग करते हैं।
 
तो आखिर ये फॉरप्ले से अलग कैसे है? असल में ये अलग नहीं है- फर्क सिर्फ ये है की फोरप्ले के बाद अगला कदम सम्भोग होता है जबकि आउटर कोर्स में ऐसा नहीं होता। आउटर कोर्स में हर कदम पर असल में सेक्स ही हो रहा होता है। आउटरकोर्स का पहला और आखिरी कदम सेक्स ही है।
 
आउटर कोर्स की वजह?
 
कुछ लोग इसका उपयोग बर्थ कण्ट्रोल यानी गर्भवती होने से बचाव या फिर सेक्स संक्रमित इन्फेक्शन से बचने के लिए करते हैं। रिलेशन की शुरुवात में जो लोग अपने आप को सेक्स के लिए तैयार नहीं मानते, उनके लिए ये एक सुरक्षित और सहज शुरुव्वत है एक दुसरे के शरीर को जानने और समझने की। महिला और पुरुष दोनों ही को आउटरकोर्स से ओर्गास्म होता है। और ये मत भूलिए की दुनिया में सिर्फ एक तिहाई महिलाओं को ही सम्भोग  के दौरान  ओर्गास्म हो पाता है। तो उनके लिए, ये अवश्य की एक अच्छा तरीका साबित हो सकने में सक्षम है।
 
कम रिस्क 
 
जैसा की नाम ही से पता चलता है, इसके दौरान लिंग योनि में प्रवेश नहीं करता। तो इसका अर्थ है की योनि में वीर्य जाने की सम्भावना ख़तम हो जाती है। और इसलिए गर्भ ठेहेरने की सम्भावना भी। शारीरिक द्रवों का एक्सचेंज न होने से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के फैलने की सम्भावना भी काफी कम हो जाती है।
 
सावधानी 
 
इस सब से ये पूरी तरह सुनिश्चित नहीं होता की ये प्रक्रिया पूरी तरह फूलप्रूफ है। यदि इस दौरान लिंग को योनि के आसपास छुआ गया हो तो वीर्य के प्रवेश की सम्भावना बनी रहती है जिससे गर्भ ठहर सकता है। शारीरिक फ्लुइड्स का छोटे से छोटा एक्सचेंज भी इन्फेक्शन का कारण बन सकता है। बहुत से लोग इस क्रिया के दौरान कामोत्तेजित होकर अपने आपको सम्भोग करने से नहीं रोक पाते। इसलिए ये बेहतर है की आउटर कोर्स के दौरान भी कंडोम का प्रयोग भी किया जाये, खासकर यदि मुख मैथुन किया जा रहा हो।  
 
फायदे 
 
आउटरकोर्स निश्चित रूप से प्यार करने का सुरक्षित तरीका है। इसके कोई चिकित्सा या हर्मोने सम्बंधित साइड इफेक्ट्स नहीं हैं। इससे सेक्स संक्रमित रोग को नियंत्रित किया जा सकता है। ये दो साथियों के बीच की दूरियां कम करता है और विश्वास बढाता है। और जब आपके पास कोई गर्भनिरोधन ना हो और सेक्स करने से अपने आप को रोक न पा रहे हों, तो ये सर्वोत्तम उपाय है।

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