Call Now

निरंतर जननांग उत्तेजना विकार (प्रियापिज़्म)

  • Home
  • -
  • Uncategorized
  • -
  • निरंतर जननांग उत्तेजना विकार (प्रियापिज़्म)

निरंतर जननांग उत्तेजना विकार (प्रियापिज़्म)

निरंतर जननांग उत्तेजना विकार(प्रियापिज़्म)

निरंतर जननांग उत्तेजना विकार, अत्यधिक अवांछित जननांग  उत्तेजना है, जिसमें यौन गतिविधि की इच्छा के बिना ही जननांगों में रक्त के प्रवाह में वृद्धि और योनि स्राव में वृद्धि शामिल है।

निरंतर जननांग उत्तेजना विकार किस कारण से होता है यह अज्ञात है। यह पुरुषों या महिलाओँ दोनों में हो सकता है और यह यौन या गैर-यौन गतिविधि या बिना किसी स्पष्ट उत्तेजना के शुरू हो सकता है।

विकार की पुनरावृत्ति कब होगी इसके बारे में व्यग्रता और चिंता से यह अविरत बना रह सकता है। तंग पेल्विक मांसपेशियां, लक्षणों के प्रति योगदान कर सकती हैं, जननांग क्षेत्र में और उसके आसपास लगातार असुविधाजनक झुनझुनी या धड़कता हुआ महसूस हो सकता है।

महिलाओ में निरंतर जननांग उत्तेजना विकार में, शारीरिक परिवर्तन जो  दिखाई देते हैं।आमतौर पर यौन स्टिम्युलेशन से उत्पन्न होते हैं, फिर भले ही महिला को यौन गतिविधि में संलग्न होने की कोई इच्छा न हो और मानसिक या भावनात्मक रूप से भी उत्तेजित न हो,  क्लिटरिस में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे क्लिटरिस और योनि की दीवारें सूज जाती हैं इस प्रक्रिया को अधिरक्तता कहा जाता है । बढ़े हुए रक्त प्रवाह के कारण योनि स्राव में वृद्धि होती है। जननांग क्षेत्र में झुनझुनी या धड़कता हुआ महसूस हो सकता है। संवेदनाएं घंटों या दिनों तक बनी रहती हैं। ज़्यादातर महिलाएं इन परिवर्तनों को दखल देने वाला मानती हैं और उनसे व्यथित और शर्मिंदा होती हैं।

डॉक्टर विशिष्ट लक्षणों के आधार पर निरंतर जननांग उत्तेजना विकार का निदान करते हैं, लेकिन केवल तभी, जब महिलाएं लक्षणों से बहुत परेशान होती है।

 

निरंतर जननांग उत्तेजना विकार का उपचार

1-   पेल्विक फ्लोर शारीरिक चिकित्सा

2-   मनोवैज्ञानिक थेरेपी

निरंतर जननांग उत्तेजना विकार का उपचार स्पष्ट नहीं है।

सबसे पहले, चरम सुख (आत्म-उत्तेजित किए गए हों) अस्थायी राहत प्रदान कर सकते हैं, लेकिन वे अक्सर कम प्रभावी हो जाते हैं, साथ ही वे असंतोषजनक, अव्यवहारिक समाधान भी होते हैं।

पेल्विक फ़्लोर शारीरिक थेरेपी, जिसमें बायोफ़ीडबैक वाले मांसपेशियों को आराम देने वाले व्यायाम शामिल हैं, उससे मदद मिल सकती है, खासकर जब इसमें माइंडफुलनेस-आधारित संज्ञानात्मक थेरेपी (MBCT) शामिल हो जाती है।
चयनात्मक सेरोटोनिन रीअपटेक अवरोधक (SSRI), जो एक एंटीडिप्रेसन्ट है, प्रभावी हो सकता है, लेकिन इसकी उपयोगिता का समर्थन करने के लिए बहुत कम प्रमाण हैं।

इस विकार के अस्तित्व की सरल मान्यता, इस आश्वासन के साथ कि यह सहज रूप से हल हो सकती है, यह जानकारी कुछ महिलाओं की मदद कर सकती है। मनोवैज्ञानिक थेरेपी और/या दवाओं सहित, चिंता के विशिष्ट उपचार की तरह ही, विकार और समर्थन के बारे में जानकारी भी सहायक होती है।

Kashyap Clinic Pvt. Ltd.

Gmail: dr.b.k.kashyap@gmail.com

Blogger:  https://drbkkashyap.blogspot.com/   

Justdial: https://www.justdial.com/Allahabad/Kashyap-Clinic-Pvt-Ltd-in-Civil-Lines/group

Website:  http://www.drbkkashyapsexologist.com/

https://www.kashyapclinic.com

https://www.youtube.com/c/KashyapClinicPrayagraj/videos

https://www.facebook.com/kashyapclinicprayagraj

https://www.instagram.com/kashyapclinicprayagraj

Lybrate:  https://www.lybrate.com/allahabad/doctor/dr-b-k-kashyap-sexologist

Sehat :  https://www.sehat.com/dr-bk-kashyap-ayurvedic-doctor-allahabad

Linkdin: https://www.linkedin.com/in/dr-b-k-kashyap-24497780/?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

18 − = 16